पटना/शिवहर, संवाददाता:
बिहार के प्रशासनिक तंत्र में उस समय हलचल मच गई जब शिवहर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बृजेश कुमार को आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों में राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के तहत एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकारी आदेश के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित व्यवस्था करते हुए एडीएम सह डीएसओ मेधावी को डीडीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। उन्होंने शनिवार शाम औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने की है।
जानकारी के अनुसार, 24 मार्च को निगरानी विभाग की विशेष टीम ने बृजेश कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान पटना स्थित आवास, सीतामढ़ी में ससुराल, पश्चिम चंपारण के पैतृक गांव तथा शिवहर के सरकारी आवास की तलाशी ली गई।
छापेमारी में टीम को करीब 2.26 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले, जो कथित रूप से उनकी पत्नी के नाम पर अर्जित बताए जा रहे हैं। इसके अलावा नकदी, आभूषण, बैंक पासबुक और निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात भी बरामद किए गए।
निगरानी जांच में कुल मिलाकर लगभग 4.11 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। इससे पूर्व भी करीब 1.84 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हो चुका था, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
तलाशी अभियान के दौरान सरकारी आवास और समाहरणालय स्थित कार्यालय में करीब आठ घंटे तक जांच चली। टीम सभी दस्तावेजों को अपने साथ पटना ले गई है, जहां आगे की जांच जारी है।
निलंबन के बाद बृजेश कुमार को आयुक्त कार्यालय, पटना में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














