पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रच दिया है। पहली बार राज्य में भाजपा सरकार बनाने जा रही है, जिससे सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा। खास बात यह है कि इसी दिन रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी है, जिसे बांग्ला कैलेंडर के अनुसार 25 वैशाख के रूप में मनाया जाता है।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले नेताओं और मुख्यमंत्री के नाम का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है। प्रमुख दावेदारों में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं यह चर्चा भी तेज है कि पार्टी किसी महिला नेता को भी राज्य की कमान सौंप सकती है। अगले कुछ दिनों में इस पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
अगर चुनाव परिणामों की बात करें तो 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को 81 सीटों पर संतोष करना पड़ा। वोट शेयर के लिहाज से भाजपा को 45% से अधिक वोट मिले, जबकि टीएमसी को करीब 40% वोट प्राप्त हुए।
गौरतलब है कि पिछले 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तस्वीर बिल्कुल अलग थी, जब टीएमसी ने 215 सीटें जीती थीं और भाजपा 77 सीटों तक सीमित रह गई थी। इस बार के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।
जीत के बाद भाजपा नेताओं ने जश्न मनाया। दिल्ली के CR पार्क स्थित कालीबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की गई, जहां नेताओं ने जनता का आभार जताया और राज्य के विकास व समृद्धि की कामना की।
अब सबकी नजरें 9 मई पर टिकी हैं, जब नई सरकार शपथ लेगी और मुख्यमंत्री के चेहरे से पर्दा उठेगा। बंगाल की राजनीति में सस्पेंस अपने चरम पर है—कौन संभालेगा सत्ता की कमान, इसका जवाब जल्द सामने होगा।
















