पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विधानसभा चुनाव में Bharatiya Janata Party (भाजपा) को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
चुनाव परिणामों में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि करीब 15 वर्षों से सत्ता में रही All India Trinamool Congress (टीएमसी) को सिर्फ 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। यह परिणाम राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के चयन को लेकर भाजपा ने केंद्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी ने Amit Shah को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो विधायक दल की बैठक में शामिल होकर अंतिम निर्णय की घोषणा कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 8 मई को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की अहम बैठक होगी, जिसमें नेता का चयन किया जाएगा। इस दौड़ में Suvendu Adhikari सबसे आगे बताए जा रहे हैं और उनके नाम पर सहमति बनती दिख रही है।
हालांकि, अन्य संभावित दावेदारों को लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। इनमें Samik Bhattacharya, Dilip Ghosh और Swapan Dasgupta के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा Anandamay Barman को भी एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उन्हें बड़ा पद देकर भाजपा उत्तर बंगाल और राजबंशी समुदाय को मजबूत संदेश दे सकती है, जहां पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
दरअसल, भाजपा ने उत्तर बंगाल की 54 में से 40 सीटों पर जीत हासिल कर अपना दबदबा साबित किया है, जो 2021 के चुनावों के मुकाबले बड़ा उछाल है।
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल समेत Tamil Nadu, Assam, Kerala और Puducherry के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हुए थे। इनमें असम और पुडुचेरी में NDA ने सत्ता बरकरार रखी, जबकि बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सरकारें बदलीं।
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है, ऐसे में इसे ऐतिहासिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। इस जीत को भव्य बनाने के लिए कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह की जोरदार तैयारियां की जा रही हैं।
संभावना है कि 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें Narendra Modi, Amit Shah और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।
















