संवाददाता, पटना:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना दौरे और भव्य रोड शो को लेकर राजधानी पटना आज पूरी तरह सुरक्षा घेरे में कैद नजर आई। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक सड़कें ऐसी बंद हुईं कि आम लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। शहर में हालात ऐसे दिखे मानो राजधानी में कोई आपातकालीन स्थिति लागू हो गई हो। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को “ऐतिहासिक” बता रहा है, लेकिन जनता के लिए यह दिन भारी परेशानी और जाम का दिन बन गया।
सुबह 8 बजे से ही पटना की कई प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए लगभग बंद कर दी गईं। एयरपोर्ट, बेली रोड, पटेल गोलंबर, गर्दनीबाग और गांधी मैदान जैसे इलाकों में बैरिकेडिंग कर सख्त नाकेबंदी कर दी गई। जगह-जगह पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे, जबकि आम लोग घंटों जाम में फंसे नजर आए।
प्रशासन ने लोगों से एयरपोर्ट पहुंचने के लिए तीन घंटे पहले घर से निकलने की अपील की, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि आखिर राजधानी की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था को ठप कर आम जनता को इतनी बड़ी परेशानी में डालना कितना जायज है? ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, मरीज, छात्र और आम यात्री सुबह से ही सड़कों पर परेशान दिखे।
गया रूट लाइन रोड पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। करबिगहिया आरओबी पर वाहन रेंगते नजर आए। कई लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके, तो कई यात्रियों की ट्रेन और फ्लाइट छूटने की नौबत आ गई। सबसे ज्यादा नाराजगी उन लोगों में देखी गई जो रोजाना काम के लिए इन रास्तों से गुजरते हैं।
पटना जंक्शन से डाकबंगला तक वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। जीपीओ, कोतवाली और बुद्धमार्ग क्षेत्र को भी “नो एंट्री जोन” बना दिया गया। डाकबंगला चौराहा से कुछ सीमित रूट डायवर्ट किए गए, जबकि न्यू डाकबंगला से एसपी वर्मा रोड की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई।
सुरक्षा के नाम पर शहर में हर चौराहे पर बैग और सामान की तलाशी ली गई। पुलिस जांच के कारण कई जगह लंबी कतारें लग गईं। लोग पूछते नजर आए कि आखिर यह रोड शो है या सुरक्षा का शक्ति प्रदर्शन?
इधर, शहर को भगवा रंग में सजाया गया है। इनकम टैक्स गोलंबर समेत कई इलाकों में बड़े-बड़े पोस्टर, झंडे और बैनर लगाए गए हैं। राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा दिख रहा है। लेकिन दूसरी ओर, जाम में फंसी जनता के लिए यह “उत्सव” परेशानी का कारण बन गया।
कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे बड़े राजनीतिक कार्यक्रम छुट्टी के दिन होने चाहिए, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो। लोगों का कहना है कि नेताओं के रोड शो के लिए पूरा शहर रोक देना आम नागरिकों की परेशानी को नजरअंदाज करना है।
फिलहाल पूरे पटना में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है, लेकिन राजधानी की सड़कों पर फंसी जनता यही पूछ रही है — “क्या VIP मूवमेंट के सामने आम आदमी की कोई कीमत नहीं?”
















