West Bengal के Madhyamgram में भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात को प्रोफेशनल शूटरों ने अंजाम दिया, जिन्होंने घटना से पहले 3 से 4 दिनों तक इलाके की रेकी की थी।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10:20 बजे जेस्सोर रोड स्थित दोहड़िया इलाके में चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो SUV में सवार थे। तभी एक कार ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इसके बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कथित तौर पर Glock 47X पिस्तौल का इस्तेमाल किया। फायरिंग में चंद्रनाथ रथ के सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। वहीं वाहन चला रहे उनके सहयोगी बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने सामने की खिड़की से पिस्टल सटाकर गोली चलाई और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद बाइक पर फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी, जिसे बाद में जब्त कर लिया गया।
Sidd Nath Gupta ने बताया कि घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हत्या के पीछे की साजिश व मकसद का पता लगाने में जुटी है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगी थीं। अत्यधिक खून बहने और महत्वपूर्ण अंगों के फेल होने के कारण उनकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुवेंदु अधिकारी ने इसे “कोल्ड-ब्लडेड” और पूरी तरह पूर्व नियोजित हत्या बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ ने नंदीग्राम और भवानीपुर चुनाव में उनके चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमलावरों ने पहले रेकी की और फिर पीछा कर बेहद करीब से गोली मारकर हत्या की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सही दिशा में जांच कर रही है। वहीं इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी उठने लगी है।














