Bihar Suvendu Adhikari PA Murder Connection: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल STF ने बक्सर में छापेमारी कर कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया था, हालांकि ताजा जानकारी के मुताबिक बाद में उसे छोड़ दिया गया।
सूत्रों के अनुसार विशाल श्रीवास्तव पर हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। STF की कार्रवाई के बाद बक्सर और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई। जांच एजेंसियों को शक है कि इस हत्याकांड के पीछे कई राज्यों में फैला आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था। इससे पहले यूपी के संभल और बदायूं से भी दो संदिग्धों को हिरासत में लेने की खबर सामने आई थी, लेकिन मयंक मिश्रा और विक्की मौर्या की गिरफ्तारी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल STF की टीम फिलहाल बिहार-यूपी बॉर्डर के इलाकों में लगातार दबिश दे रही है। बक्सर, आरा और सीमावर्ती जिलों में ऐसे अपराधियों की तलाश की जा रही है जो हाल के महीनों में जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि पेशेवर शूटरों और सुपारी गैंग का इस्तेमाल कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। बाइक सवार बदमाशों ने बेहद प्रोफेशनल तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। घटना के तरीके को देखकर शुरुआत से ही यह माना जा रहा था कि इसमें प्रशिक्षित शूटर शामिल थे। अब जांच का दायरा बिहार तक पहुंचने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
जांच में सबसे अहम सुराग एक UPI ट्रांजैक्शन को माना जा रहा है। पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार एक टोल प्लाजा से गुजरी थी, जहां नकद की जगह डिजिटल पेमेंट किया गया था। इसी डिजिटल भुगतान के जरिए पुलिस मोबाइल नंबर और फिर संदिग्ध नेटवर्क तक पहुंचने में सफल हुई।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या स्थानीय अपराधियों ने हमलावरों को हथियार, ठिकाना और अन्य लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराई थी। लगातार हो रही छापेमारी के कारण बिहार और यूपी बॉर्डर के अपराध जगत में बेचैनी बढ़ गई है।
हालांकि पुलिस फिलहाल आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रही है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीति, सुपारी किलिंग और अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की बड़ी कहानी बनता जा रहा है।














