बेगूसराय जिले के तेघरा थाना क्षेत्र में एक छात्र पर दर्ज शराब मामले की FIR अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। अंबा गांव वार्ड संख्या 13 निवासी छात्र कुणाल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे सुनियोजित तरीके से झूठे मामले में फंसाया गया है। परिजनों का कहना है कि शराब कारोबार से जुड़े लोगों के इशारे पर उनके बेटे के भविष्य को खराब करने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, तेघरा थाना पुलिस ने 3 मई को गांव के एक पुराने पुश्तैनी मकान में छापेमारी की थी। पुलिस का दावा है कि वहां से करीब 2 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। इसके अगले ही दिन छात्र कुणाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
हालांकि परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों के अनुसार जिस घर से शराब मिलने की बात कही जा रही है, वह मकान पिछले करीब दस वर्षों से बंद पड़ा है और वहां कोई निवास नहीं करता। उनका कहना है कि कुणाल पढ़ाई करने वाला होनहार छात्र है और उसका किसी भी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं रहा है।
परिवार का आरोप है कि इलाके में सक्रिय शराब माफियाओं ने साजिश के तहत छात्र का नाम मामले में शामिल करवाया है। परिजनों का कहना है कि FIR दर्ज होने के बाद पूरे परिवार में डर और तनाव का माहौल है। न्याय की मांग को लेकर परिवार तेघरा थाना के साथ-साथ एसपी कार्यालय भी पहुंचा और निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई।
गांव में भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर छात्र निर्दोष है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष युवक का भविष्य प्रभावित न हो।
अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि बंद पड़े मकान से शराब बरामद होने की सच्चाई क्या है। क्या छात्र को किसी साजिश के तहत फंसाया गया है या पुलिस के पास कार्रवाई के ठोस आधार हैं। फिलहाल परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















