दुनियाभर में जारी जंग, ऊर्जा संकट और तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार के अनुसार भारत के पास करीब 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों की नेचुरल गैस और 45 दिनों का एलपीजी (रसोई गैस) रोलिंग स्टॉक मौजूद है, जिससे किसी भी वैश्विक संकट का सीधा असर आम जनता की रसोई पर नहीं पड़ेगा।
पटना में गैस के नए दाम
हालांकि सप्लाई सुरक्षित होने के बावजूद गैस की कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।
पटना में आज 14.2 किलो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹1002.50 तक पहुंच गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर ₹3346.50 हो गई है।
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है, जबकि छोटे उपयोग के लिए 5 किलो सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3071.50 दर्ज की गई है।
कमर्शियल सिलेंडर में भारी बढ़ोतरी
सबसे बड़ी चिंता का विषय कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल है।
इस साल अब तक इसमें करीब ₹1500 तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
- मई में: ₹993 की बढ़ोतरी
- अप्रैल में: करीब ₹200
- मार्च में: ₹144
- फरवरी में: ₹49
- जनवरी में: ₹111
इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक, 1 दिसंबर 2025 को दिल्ली में यही सिलेंडर मात्र ₹1580.50 का था, जो अब लगभग दोगुना हो चुका है।
कारोबारियों पर असर
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर भारी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों पर खाने-पीने की चीजों की लागत भी बढ़ने की आशंका है, जिससे महंगाई का असर और गहरा सकता है।
सरकार की तैयारी और ‘समुद्र मंथन’ योजना
ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकार “समुद्र मंथन” योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत आने वाले 3 से 6 महीनों में तेल, गैस और एलपीजी के भंडारण को और मजबूत करने की तैयारी है।
साथ ही सरकार 30 दिनों का स्ट्रैटेजिक LPG रिजर्व बनाने पर भी विचार कर रही है, ताकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट की स्थिति में देश में रसोई गैस की आपूर्ति बाधित न हो।
फिलहाल सरकार का दावा है कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतें आम जनता और कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। आने वाले महीनों में सरकार की नीतियां और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति ही तय करेगी कि गैस के दाम स्थिर होंगे या और बढ़ेंगे।
















