नई सरकार के गठन और मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद बिहार में आज पहली बार फूल कैबिनेट बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में पटना सचिवालय में आयोजित होने वाली इस अहम बैठक पर पूरे बिहार की नजर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय फैसलों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बैठक सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। इसमें दोनों उपमुख्यमंत्रियों, नए मंत्रियों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। नई सरकार बनने के बाद यह पहली बड़ी कैबिनेट बैठक है, इसलिए इसे सरकार के अगले रोडमैप और प्राथमिकताओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिल सकती है। लंबे समय से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी डीए बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर सरकार फैसला ले सकती है। कर्मचारी संगठन लगातार डीए भुगतान की मांग कर रहे हैं। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी संभव है।
इसके अलावा सरकार राज्य के 11 शहरों में सैटलाइट टाउन विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में शहरी विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े नए प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। सरकार नई टीम के साथ विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने और प्रशासनिक फैसलों की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दे सकती है।
सूत्रों की मानें तो कई विभागों ने अपने-अपने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। इनमें सड़क निर्माण, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक सुधार, निवेश और शहरी विकास से जुड़े एजेंडे शामिल हैं। इस वजह से आज की बैठक को नई सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।
गौरतलब है कि सम्राट चौधरी सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक में भी कई अहम फैसलों पर मुहर लगी थी। उस दौरान राज्य की करीब 19 हजार 305 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 15 हजार 968 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई थी। सरकार ने इसे बिहार की सड़क व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया था।
इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए आसान ऋण सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया था। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से विधायकों, विधान पार्षदों और अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ट्रेनिंग देने का फैसला भी लिया गया था।
अब सभी की नजर आज होने वाली पहली फूल कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है, जहां सरकार कई बड़े फैसलों के जरिए अपने आगामी विकास एजेंडे का संकेत दे सकती है।














