पटना।
पश्चिम एशिया में जारी संकट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत की अपील का असर अब बिहार में भी दिखाई देने लगा है। बिहार के राज्यपाल Syed Ata Hasnain ने अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम करने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब राज्यपाल के कारकेड में पहले की तरह 12 वाहन नहीं होंगे, बल्कि केवल 3 वाहन ही शामिल रहेंगे। राज्यपाल सचिवालय की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देश जारी किया गया है कि सरकारी वाहनों का इस्तेमाल केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाए।
बताया जा रहा है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत करना और आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। राज्यपाल सचिवालय का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग बेहद जरूरी है।
इसी क्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री और जदयू विधायक दल के नेता Shravan Kumar ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है। अब वे भी केवल 3 वाहनों के साथ यात्रा करेंगे। हालांकि उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, इसलिए सुरक्षा कारणों से एक अतिरिक्त वाहन उनके काफिले में रहेगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे इन कदमों को पेट्रोल-डीजल की बचत और मौजूदा वैश्विक हालात के बीच जिम्मेदार पहल के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे आम लोगों के बीच भी ईंधन बचत को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
















