बिहार के सीतामढ़ी जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मामला उस समय और भी गंभीर हो गया जब पुलिस ने अदालत के आदेश और परिजनों की शिकायत के आधार पर कब्र खोदकर एक नाबालिग लड़की का शव बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना बेलसंड थाना क्षेत्र के पताही पंचायत अंतर्गत भोरहा टोला घुसुकपुर गांव की बताई जा रही है। मृतका की पहचान साबिया प्रवीण उर्फ रेशमा खातून के रूप में हुई है। पीड़िता की मां आसमीन खातून ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने परिवार की सहमति के बिना शव को जल्दबाजी में कब्रिस्तान में दफना दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष जंगो राम ने बताया कि मामले में कई लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में मो. भांगर शेख, मो. रियाज, गुलाब दर्जी, अली दर्जी, फिरोज दर्जी और मायरा खातून समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद गांव के कुछ लोगों ने उसे धमकाकर चुप रहने का दबाव बनाया था। वहीं जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि आरोपी मो. रियाज मृतका पर निकाह का दबाव बना रहा था और स्कूल आने-जाने के दौरान लगातार उसे परेशान करता था।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच दुष्कर्म, हत्या और आपराधिक साजिश के एंगल से कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है, जिससे मौत के कारण और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
















