Bhagalpur समेत बिहार के कई इलाकों में सोमवार रात मौसम ने ऐसा भयावह रूप दिखाया कि जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं ने कुछ ही घंटों में भारी तबाही मचा दी। सबसे ज्यादा असर भागलपुर जिले में देखने को मिला, जहां 80 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली प्रलयकारी आंधी ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया।
इस भीषण मौसमीय आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में अलग-अलग इलाकों के लोग शामिल हैं, जिनकी जान पेड़ गिरने, नाव हादसे और छत से गिरने जैसी घटनाओं में गई। हादसे के बाद पूरे जिले में दहशत और मातम का माहौल है।
प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक, तूफान के कारण 11 केवी और 33 केवी बिजली लाइनों के करीब 277 पोल गिर गए हैं। कई ट्रांसफॉर्मर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। गोराडीह रोड स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन टावर गिरने से जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई।
बिजली गुल होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। कई मोहल्लों में लोगों को पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ स्थानों पर जेनरेटर के सहारे महंगे दामों पर पानी उपलब्ध कराया गया।
Mayaganj Hospital में भी हालात बेहद गंभीर हो गए, जब अस्पताल परिसर में पेड़ गिरने से दीवारें और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने समय रहते मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
Bihar Agricultural University और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी भारी नुकसान की खबर है। तेज तूफान से खेत, पॉलीहाउस और कई कृषि संरचनाएं बुरी तरह तबाह हो गईं। हजारों पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे यातायात कई घंटों तक बाधित रहा।
लगातार बारिश और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण सब्जियों की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। बाजारों में सब्जियों की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रशासन ने राहत और बहाली कार्य तेज कर दिए हैं। बिजली विभाग, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मरम्मत और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक खराब मौसम और तेज आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों में भय और चिंता बनी हुई है।
















