Mokama में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मोकामा के प्राथमिक उपचार केंद्र मराँची में मंगलवार को एक डूबे हुए युवक को इलाज के लिए लाया गया, लेकिन आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक और कर्मी काफी देर तक बाहर ही नहीं निकले। मरीज करीब एक घंटे तक बस के अंदर तड़पता रहा, जबकि भीषण गर्मी के बीच उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही।
जानकारी के अनुसार, Hathidah थाना क्षेत्र स्थित राजेंद्र सेतु के नीचे गंगा स्नान के दौरान एक युवक नदी में डूब गया था। मौके पर मौजूद स्थानीय मछुआरों ने युवक को किसी तरह नदी से बाहर निकाला और घाट पर खड़ी बस से उसे प्राथमिक उपचार केंद्र मराँची लेकर पहुंचे।
बस चालक ने अस्पताल के अंदर जाकर चिकित्साकर्मियों को युवक की गंभीर स्थिति की जानकारी दी और तत्काल इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। आरोप है कि इसके बावजूद डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारी बाहर नहीं आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई बार सूचना देने के बाद भी कोई स्वास्थ्यकर्मी मरीज को देखने नहीं पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और वीडियो बनाना शुरू किया। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी बाहर निकले। हालांकि प्राथमिक उपचार देने के बजाय युवक को अनुमंडल अस्पताल बाढ़ रेफर कर दिया गया।
गंगा में डूबे युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर इलाज शुरू किया जाता तो स्थिति और बेहतर हो सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















