पटना। बिहार में मौसम ने अचानक ऐसा करवट लिया कि कई जिलों में सुबह होते-होते आसमान पर काले बादलों का कब्जा हो गया। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज और मूसलाधार बारिश ने लोगों को हैरान कर दिया। सड़कों पर पानी भर गया, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश करते नजर आए।
पटना में सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए, जिससे दिन में ही शाम जैसा नजारा देखने को मिला। तेज हवाओं और बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। वहीं खगड़िया में सुबह-सुबह हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
रोहतास, बक्सर और औरंगाबाद में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। बक्सर में काले बादलों की वजह से सुबह में ही अंधेरा छा गया, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कैमूर, छपरा, जहानाबाद, नालंदा, बगहा, गया, गोपालगंज और सीवान समेत कई जिलों में लगातार बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट से लोगों में दहशत का माहौल देखा गया।
पश्चिम चंपारण और मोतिहारी में भी झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। खासकर किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है, क्योंकि बारिश से खेतों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने पूरे बिहार में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी बिहार की ओर बढ़ रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय लो-प्रेशर एरिया के असर से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी वजह से गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में इस तरह का मौसम सामान्य माना जाता है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी बिहार में नहीं हुई है, लेकिन मौसम पूरी तरह मानसून जैसा महसूस होने लगा है। दिन में तेज गर्मी और उमस के बाद शाम तक तूफानी मौसम बन रहा है, जिससे वज्रपात का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बेवजह घरों से बाहर न निकलें और विशेष सावधानी बरतें।
















