कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में संपन्न हुआ। राज्यपाल आर.एन. रवि ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार के साथ मंत्रिमंडल का आकार बढ़ गया है और सरकार ने क्षेत्रीय तथा सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार राज्य में भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कई नए चेहरों को मिली कैबिनेट में जगह
विस्तार के दौरान तापस राय, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, दीपक बर्मन, शारद्वत मुखर्जी, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, शंकर घोष और अन्य नेताओं को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया।
वहीं मालती राभा राय, राजेश महतो और डॉ. इंद्रनील खां को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा कई नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मंत्रिमंडल के गठन में उत्तर बंगाल, जंगलमहल और दक्षिण बंगाल के क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। इससे सरकार आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
बंगाली संस्कृति की झलक
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अधिकांश मंत्री पारंपरिक बंगाली परिधान धोती-पंजाबी में नजर आए। इसे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय परंपराओं से जुड़ाव के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
नवान्न में होगी पहली कैबिनेट बैठक
शपथ ग्रहण के बाद सभी मंत्री राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ के लिए रवाना हुए। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री जल्द ही मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें विभागों का बंटवारा और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
समारोह में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में नए मंत्रियों को मिलने वाले विभागों और सरकार की आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
















