पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हिंसक घटना सामने आई है। चम्पानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम पर कथित अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। तीर, भाला, लाठी और ईंट-पत्थरों से किए गए हमले में एक पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
11.28 एकड़ जमीन खाली कराने पहुंची थी टीम
घटना केनगर अंचल के मौजा प्रसादपुर की बताई जा रही है। प्रशासन को करीब 11.28 एकड़ बहुमूल्य जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। यह जमीन विक्रमपट्टी कवैया निवासी सुधीर ऋषि की बताई जा रही है। कोर्ट और प्रशासनिक आदेश के बाद जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कार्रवाई शुरू की गई थी।
मौके पर प्रतिनियुक्त कार्यपालक दंडाधिकारी अभय राज, अंचलाधिकारी दिवाकर कुमार और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। प्रशासनिक टीम कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन खाली कराने की कार्रवाई कर रही थी।
अचानक हिंसक हुई भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही प्रशासनिक टीम ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, विरोध कर रहे लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने तीर-धनुष, भाला, लाठी और ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटना पड़ा।
जवान के गले में धंसा तीर
हमले में चम्पानगर थाना में पदस्थापित ग्रामीण पुलिस जवान शंकर पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके गले में तीर जा धंसा, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। घायल जवान को तत्काल श्रीनगर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल पूर्णिया रेफर कर दिया गया।
इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मी भी हमले में घायल हुए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, 7 गिरफ्तार
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल की मदद से मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़कर इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक महिला समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है, जबकि हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने विवादित जमीन की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवाद और अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
















