बेगूसराय: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मटिहानी विधायक बोगो सिंह ने एक बार फिर बिहार की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महादलित, पिछड़े, अतिपिछड़े और भूमिहीन परिवारों के उत्थान की बातें तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात आज भी बद से बदतर बने हुए हैं।
बेगूसराय में मीडिया से बातचीत करते हुए बोगो सिंह ने कहा कि बिहार सरकार ने भूमिहीन महादलित और अतिपिछड़े परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य में आज भी सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो जमीन और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
“सुशासन के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर”
RJD विधायक ने कहा कि बिहार सरकार लगातार सुशासन और जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
बोगो सिंह ने कहा कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जहानाबाद और बेगूसराय की घटनाओं का उठाया मुद्दा
विधायक ने हाल के दिनों में जहानाबाद और बेगूसराय में बेटियों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज तभी स्थापित होगा जब दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
NDA पर लगाए गंभीर आरोप
बोगो सिंह ने आरोप लगाया कि कई मामलों में सत्ता पक्ष से जुड़े प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने के कारण पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक संरक्षण देने के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री को दी चेतावनी
अपने बयान के दौरान बोगो सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को सुशासन स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए और जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी तो जनता आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
बोगो सिंह के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म होने की संभावना है। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था, भूमिहीन परिवारों के मुद्दे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेर रहा है, जबकि सत्तापक्ष अपने कार्यों और योजनाओं का हवाला देकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री
















