पटना: राजधानी पटना के चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले के बाद बिहार सरकार ने राज्य की कोचिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। करोड़ों रुपये के कोचिंग कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, विवाद और हालिया हिंसक घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बिहार की पहली व्यापक कोचिंग पॉलिसी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार का कहना है कि अब राज्य में कोचिंग संस्थान मनमाने तरीके से संचालित नहीं होंगे, बल्कि निर्धारित नियमों और आचार संहिता के तहत उनका संचालन किया जाएगा।
तीन महीने में तैयार होगी नई कोचिंग नीति
शिक्षा विभाग के अनुसार अगले तीन महीने के भीतर नई कोचिंग पॉलिसी तैयार कर ली जाएगी। इसके लागू होने के बाद राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को तय नियमों का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि तेजी से विस्तार कर रही कोचिंग इंडस्ट्री को व्यवस्थित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नियमों की आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री ने कही सख्त कार्रवाई की बात
Mithilesh Tiwari ने कहा कि खान सर के संस्थान पर हुई घटना को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने कोचिंग संस्थानों के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और आपसी प्रतिस्पर्धा को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं, जिनका समाधान नई नीति के माध्यम से किया जाएगा।
सभी कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगी आचार संहिता
नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सभी कोचिंग संस्थानों के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (आचार संहिता) होगा।
इस आचार संहिता में यह तय किया जाएगा कि:
- कोचिंग संस्थानों का संचालन किस प्रकार होगा।
- प्रचार-प्रसार और विज्ञापन की सीमाएं क्या होंगी।
- छात्रों के प्रति संस्थानों की जिम्मेदारियां क्या होंगी।
- संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा के मानक क्या होंगे।
- सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
फीस, रजिस्ट्रेशन और विज्ञापनों पर भी बन सकते हैं नियम
सूत्रों के अनुसार सरकार कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, फीस संरचना, विज्ञापन नीति, छात्र सुविधाओं और शिकायत निवारण तंत्र को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
इसके अलावा निम्न बिंदुओं पर भी विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना है:
- भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण
- पोस्टर वॉर और प्रचार विवादों पर रोक
- रिजल्ट को लेकर गलत दावों पर कार्रवाई
- छात्रों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना
- संस्थानों के बीच अनावश्यक विवादों पर नियंत्रण
मुसल्लहपुर हाट की घटना बनी बड़ा कारण
पटना के मुसल्लहपुर हाट में हुए हालिया घटनाक्रम ने बिहार की विशाल कोचिंग इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस घटना के बाद सरकार पर कोचिंग संस्थानों के लिए स्पष्ट नियम बनाने का दबाव बढ़ गया था।
ऐसे में शिक्षा विभाग की यह पहल बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों की निगाहें नई नीति पर
सरकार की प्रस्तावित कोचिंग पॉलिसी से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि नई नीति लागू होने के बाद बिहार में कोचिंग संस्थानों के संचालन का ढांचा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग द्वारा जारी की जाने वाली विस्तृत गाइडलाइन पर टिकी हैं, क्योंकि यही नीति आने वाले वर्षों में बिहार की कोचिंग व्यवस्था की दिशा और दशा तय करेगी।

















