बिहार के नवादा जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने हमला कर दिया। यह घटना नवादा-हिसुआ मार्ग पर स्थित शोभिया मंदिर के पास हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, यातायात थाना में तैनात सिपाही मनोज सिंह अपने एक सहयोगी के साथ जाम हटाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। उसी दौरान एक मैजिक वाहन गलत तरीके से सड़क पर घुस गया, जिससे आवागमन और बाधित हो गया। पुलिसकर्मी ने चालक को वाहन हटाने के लिए कहा, लेकिन उसने निर्देश मानने से इनकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि जब सिपाही ने स्थिति का वीडियो बनाना शुरू किया, तो चालक ने उनका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वहां मौजूद लोग इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में भीड़ ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति बिगड़ती देख गश्ती दल और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मैजिक चालक विकास कुमार सिंह को हिरासत में लिया और उसका वाहन जब्त कर नगर थाना भेज दिया।
वहीं, दूसरी ओर गिरफ्तार चालक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि सिपाही ने उसके साथ बदसलूकी की और मारपीट की, जिसके कारण लोगों का गुस्सा भड़क गया। इस दावे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस की ओर से सिपाही के आवेदन के आधार पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में चालक विकास कुमार सिंह के अलावा उसके साथी राहुल कुमार और वाहन मालिक रोहित कुमार समेत 8-10 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला करने और यातायात व्यवस्था बाधित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस बीच, घटना से जुड़े कुछ और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एक युवक खून से लथपथ हालत में वाहन से बाहर निकलता दिख रहा है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की बात कह रही है। यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस-जनता के रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।














