पटना में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से वर्ष 2024 बैच के बिहार कैडर के भारतीय वन सेवा (IFS) के चार प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इन अधिकारियों में हिमांशु द्विवेदी, प्रिंस कुमार सिंह, रविन्दर कुमार वर्मा और योगेश बोरकर शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बातचीत करते हुए उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली और कहा कि अभी वे प्रशिक्षण अवधि में हैं, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग होगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और ईमानदारी से कार्य करने की सलाह दी।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में पहले हरित आवरण केवल 9 प्रतिशत था, जिसे सरकार के प्रयासों से बढ़ाकर 17 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे राज्य में हरित आवरण बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों से राज्य में वर्षा कम हो रही है, इसलिए जल संचयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे भविष्य में भूजल स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से संवेदनशीलता, अनुशासन और पूर्ण मनोयोग से कार्य करते हुए राज्य और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















