राजधानी पटना के दिल कहे जाने वाले कारगिल चौक पर मंगलवार रात हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने पुलिस प्रशासन की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक बड़े पुलिस अधिकारी के स्टाफ में शामिल कुछ लोग अपने दोस्तों के साथ नशे की हालत में मौके पर पहुंचे। उनके लड़खड़ाते कदम और व्यवहार से नशे की पुष्टि होती दिखी। इसी दौरान एक छोटी सी गुमटी पर सिगरेट जलाने को लेकर छात्रों और पुलिस स्टाफ के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वर्दी का धौंस दिखाते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया गया। दूसरी तरफ मौजूद छात्र भी पीछे नहीं हटे और मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कारगिल चौक पर आमतौर पर रात के समय पटना यूनिवर्सिटी के छात्र और आसपास के युवा जुटते हैं, जहां वे बातचीत, चाय और सिगरेट के साथ समय बिताते हैं। लेकिन उस रात यह जगह अचानक टकराव का केंद्र बन गई।
सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है, वहां अगर खाकी वर्दी में ही नशे का आरोप लगे, तो कानून का पालन कौन करेगा?
मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि पुलिस स्टाफ के कुछ लोग थाने पहुंचे, जहां ‘आपसी समझौते’ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि उनके एक साथी को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
सूत्रों के अनुसार, पुष्टि के बाद उसे जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया।
हाल ही में डीजीपी Vinay Kumar ने पूरे राज्य में अनुशासन सख्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन राजधानी के बीचों-बीच इस तरह की घटना ने इन निर्देशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।














