Bihar News (गया): गया जिले के एक साधारण युवक की कहानी इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कभी ठेले पर झाल मुड़ही बेचने वाले विक्रम साव की किस्मत उस वक्त बदल गई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी दुकान पर पहुंच गए।
यह घटना उस समय की है जब प्रधानमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ पल निकालकर विक्रम की साधारण दुकान पर रुके। उन्होंने न सिर्फ 10 रुपये की झाल मुड़ही खरीदी, बल्कि वहीं बैठकर उसे खाया और दुकानदार से आत्मीय बातचीत भी की। विक्रम ने पैसे लेने से मना किया, लेकिन प्रधानमंत्री ने सादगी दिखाते हुए खुद भुगतान किया। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विक्रम साव मनमाधो गांव के रहने वाले हैं, जो टनकुप्पा प्रखंड के चोवार पंचायत में आता है। उनका परिवार वर्षों से रोजी-रोटी के लिए कोलकाता में रहकर यह काम कर रहा है। उनके पिता उत्तम साव पिछले करीब 30 वर्षों से झाल मुड़ही का व्यवसाय करते रहे हैं। करीब एक दशक पहले विक्रम ने खुद किराए पर दुकान लेकर इस काम को आगे बढ़ाया।
जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पहले लोगों को यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब टीवी और मोबाइल पर तस्वीरें सामने आईं, तो पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोग इसे गर्व का क्षण मान रहे हैं। विक्रम के बड़े भाई शंकर साव के अनुसार, वह शुरू से ही मेहनती और सरल स्वभाव के रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से कोई भी व्यक्ति पहचान बना सकता है। एक साधारण दुकानदार तक प्रधानमंत्री का पहुंचना न सिर्फ उसकी जिंदगी का यादगार पल है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात भी है।
करीब 250 घरों और लगभग 2500 की आबादी वाले इस गांव के लिए यह घटना किसी उत्सव से कम नहीं है। विक्रम साव की यह कहानी अब सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सपने की मिसाल बन गई है, जिसमें छोटे गांव का युवक भी अपनी मेहनत के दम पर देशभर में पहचान बना सकता है।
















