पटना।
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सियासी सक्रियता में लगातार कमी देखी गई है। चुनाव परिणाम आने के बाद वे न केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे, बल्कि विधानसभा सत्र में भी उनकी मौजूदगी सीमित रही।
करीब एक महीने तक वे बिहार से बाहर रहे और इस दौरान क्रिसमस व न्यू ईयर मनाने के लिए यूरोप जाने की खबरें भी आईं। नए साल में खरमास समाप्त होते ही तेजस्वी यादव एक बार फिर जनता से जुड़ने और सक्रिय राजनीति की नई शुरुआत करने की तैयारी में हैं।
सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव 10 जनवरी को पटना लौटेंगे। इसके बाद वे अपने एक करीबी सहयोगी की शादी में शामिल होने के लिए उत्तराखंड रवाना होंगे। शादी समारोह में शिरकत करने के बाद वे वापस पटना लौट आएंगे।
पटना लौटने के बाद तेजस्वी यादव जिला अध्यक्षों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद, खरमास खत्म होते ही, तेजस्वी यादव राज्यव्यापी यात्रा पर निकल सकते हैं।
बताया जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान संगठन के विस्तार, जनता के सरोकार और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा। इसके साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को महज 25 सीटों पर सिमटने के कारणों पर भी गहन मंथन किया जाएगा।
तेजस्वी यादव इन तमाम सवालों पर न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद करेंगे, बल्कि सीधे जनता के बीच जाकर भी अपनी बात रखेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव की यह यात्रा राजद के लिए आत्ममंथन और पुनर्गठन की दिशा में अहम है। खरमास के बाद शुरू होने वाली यह सियासी पहल यह संकेत दे रही है कि तेजस्वी यादव एक बार फिर बिहार की राजनीति में सक्रिय और आक्रामक भूमिका निभाने को तैयार हैं।














