भ्रष्टाचार के मामलों में मौत की सजा की खबर सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन यह सख्त कार्रवाई वास्तव में चीन में देखने को मिली है। चीन के हैइकोउ शहर के पूर्व मेयर झांग क्यू (Zhang Qi) को भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में दोषी पाए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान उनके पास से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति बरामद हुई कि अधिकारी भी चौंक गए।
जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पूर्व मेयर के आवास के बेसमेंट से कथित तौर पर करीब 13.5 टन सोना, 23 टन नकदी, विदेशी संपत्तियां, कई लक्ज़री कारें और अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। बरामद नकदी की अनुमानित कीमत लगभग 4.27 अरब अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है। इसके अलावा देश और विदेश में मौजूद आलीशान संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, झांग क्यू पर सरकारी ठेकों, भूमि सौदों और बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए भारी मात्रा में रिश्वत लेने के आरोप थे। वर्ष 2019 में उनके खिलाफ आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार को लेकर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आए सबूतों के आधार पर उन पर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप तय किए गए।
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून बेहद सख्त हैं। वहां बड़े स्तर के भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में मौत की सजा तक का प्रावधान है। झांग क्यू का मामला भी इन्हीं कड़े कानूनों के तहत चला और अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई।
इस कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया कि चीन सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है। पूर्व मेयर के खिलाफ हुई यह कार्रवाई न केवल चीन में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे चीन की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि चीन में सत्ता और पद के दुरुपयोग की कीमत बेहद भारी पड़ सकती है। सरकार का दावा है कि ऐसे कड़े कदमों से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।














