समस्तीपुर।
समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थाने के अंदर युवक के प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने का आरोप लगने और उससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जांच के बाद प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताजपुर थाना के थानाध्यक्ष, कांड के अनुसंधानकर्ता और एक सिपाही को निलंबित कर दिया है।
यह मामला दिनांक 06.01.26 को दर्ज ताजपुर थाना कांड संख्या-247/25 से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में युवक के साथ थाने में अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसमें उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाले जाने की बात कही जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद जिले में हाहाकार मच गया और पुलिस की कार्यशैली को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित कांड के अनुसंधान में भारी लापरवाही बरती गई है। प्रथमदृष्टया दोषी पाए जाने पर ताजपुर थाना के थानाध्यक्ष, मामले के अनुसंधानकर्ता और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की विभागीय जांच जारी है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कानून के तहत दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर थाने जैसे स्थान पर इस तरह की बर्बरता होती है, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल, यह मामला समस्तीपुर पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब सवाल यही है कि क्या निलंबन के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा।
















