गया/जमशेदपुर।
जमशेदपुर के चर्चित उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण कांड ने गुरुवार देर रात उस वक्त सनसनीख़ेज़ मोड़ ले लिया, जब पुलिस और अपहरण गिरोह के बीच सीधा आमना-सामना हो गया। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित साईं मंदिर के पास आधी रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई से तीन कुख्यात बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।

सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि अपहरण कांड में गिरफ्तार अपराधियों को हथियारों की बरामदगी के लिए घटनास्थल पर लाया गया था। इसी दौरान बदमाशों ने मौका पाकर एक कॉन्स्टेबल से कार्बाइन छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हालात पल भर में बेकाबू हो गए, लेकिन पुलिस ने संयम और साहस दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की।

पुलिस फायरिंग में मोहम्मद इमरान, गुड्डू सिंह और रमीज राजा के पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। मुठभेड़ के दौरान बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए। घायल बदमाशों को तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उनका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, घायल अपराधी बिहार के गया, जहानाबाद और नालंदा जिलों के रहने वाले हैं और लंबे समय से अपहरण गिरोह से जुड़े हुए थे। उनकी निशानदेही पर हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल कैरव गांधी को डराने-धमकाने और फिरौती की साजिश में किया जाना था।
मुठभेड़ के बाद पूरे जमशेदपुर शहर, खासकर एमजीएम अस्पताल और बिष्टुपुर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया था। करीब 14 दिन तक चले हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के बाद पुलिस ने 27 जनवरी की तड़के उन्हें हजारीबाग-बिहार बॉर्डर इलाके से सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले किया था। इस मामले में अब तक आधा दर्जन से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की बात सामने आ चुकी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को डीजीपी तादाशा मिश्रा पूरे अपहरण कांड और मुठभेड़ को लेकर बड़ा खुलासा कर सकती हैं। इतना साफ है कि इस कार्रवाई से अपहरण गिरोह की कमर टूट चुकी है और पुलिस ने यह संदेश दे दिया है कि जुर्म की दुनिया में अब किसी भी बदमाश के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं है।















