खगौल (पटना)।
दानापुर रेल पुलिस ने क्षेत्र में हुई जेवरात चोरी की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के दस सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आठ महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर करीब 25 से 30 लाख रुपये मूल्य के चोरी किए गए जेवरात पश्चिम बंगाल और झारखंड के धनबाद से बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह पश्चिम बंगाल से आकर रेलवे स्टेशनों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था और फिर वापस लौट जाता था। गिरोह के सदस्य चोरी किए गए जेवरात को अन्य राज्यों में भेज देते थे। महिलाओं और छोटे बच्चों को साथ रखने के कारण ये भीड़ का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो जाते थे।
भीड़ का फायदा उठाकर की गई चोरी
जानकारी के मुताबिक, 8 फरवरी की सुबह करीब पौने छह बजे बक्सर के बड़की नैनीजोड़ निवासी रिंकू कुमारी, जो वर्तमान में शाहपुर थाना क्षेत्र के रघुरामपुर में रहती हैं, अपनी चचेरी ननद की शादी में शामिल होने के लिए दानापुर स्टेशन पहुंची थीं। वे विभूति एक्सप्रेस पकड़ने के लिए प्लेटफार्म संख्या तीन पर बैठी थीं।
ट्रेन में चढ़ने के दौरान भीड़ का फायदा उठाते हुए उनके पर्स से टिफिन बॉक्स में रखे जेवरात चोरी कर लिए गए। घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस सक्रिय हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
रेल डीएसपी कंचन राज ने बताया कि दानापुर और पाटलिपुत्र जीआरपी, आरपीएफ, डीआईयू और सीआईडी की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। स्टेशन परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर संदिग्धों की पहचान हुई। इसके बाद खगौल लख, सचिवालय क्षेत्र, मोकामा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई।
बरामद हुए लाखों के जेवरात
छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के कुल्टी थाना क्षेत्र के बीरी कंगाल बराकर निवासी अमृता पासी उर्फ उपीना पासी, सितारा पासी, मेथुनी पासी, पूजा पासी, नेष्ठा पासी, मनीषा कुमारी, बिच्छुआ पासी, जुगनी पासी, विजय पासी और करण पासी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी खगौल के लखपर इलाके में रह रहे थे।
इनकी निशानदेही पर पश्चिम बंगाल और धनबाद से चोरी किए गए जेवरात बरामद हुए, जिनमें सोने की चेन, हीरे की अंगूठी, मंगलसूत्र, कानबाली, चांदी का लॉकेट, ब्रेसलेट, चांदी की सिकड़ी और मोबाइल फोन शामिल हैं।
पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल पांच महिलाओं का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पटना जंक्शन, किऊल, मुजफ्फरपुर समेत कई रेल थानों में मामले दर्ज हैं। गिरोह का सरगना जुगनी पासी और उसका पति विजय पासी बताया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रिश्तेदारों के बच्चों को भी गिरोह में शामिल कर लेते थे और ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय या भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी के बाद सामान तुरंत ट्रेन से पश्चिम बंगाल भेज दिया जाता था।
रेल पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि आगे भी इस तरह के गिरोहों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
















