बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी धर्मपत्नी एवं समाजसेवी मंजू सिन्हा की जयंती के अवसर पर कंकड़बाग स्थित स्व. मंजू सिन्हा स्मृति पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वे कुछ क्षण मौन रहकर उन्हें याद करते नजर आए।
कार्यक्रम में जदयू के वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। पूरे परिसर में श्रद्धा और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
सादगीपूर्ण दांपत्य जीवन
नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा का विवाह बेहद सादे पारिवारिक वातावरण में हुआ था। दोनों का वैवाहिक जीवन सरलता और सादगी की मिसाल माना जाता है। मंजू सिन्हा ने कभी सार्वजनिक मंचों पर अधिक सक्रिय भूमिका नहीं निभाई, लेकिन सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता चर्चित रही।
वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यों में चुपचाप योगदान देती थीं। मुख्यमंत्री के राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा संबल और प्रेरणा का कार्य किया।
परिवार और निजी जीवन
दंपत्ति को एक पुत्र, निशांत कुमार, का आशीर्वाद मिला। निशांत कुमार आमतौर पर सार्वजनिक और राजनीतिक मंचों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन पारिवारिक अवसरों पर वे अपने पिता के साथ नजर आते रहे हैं।
मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि परिवार ने उन्हें निजी जीवन में संतुलन बनाए रखने की सीख दी।
2007 में हुआ था निधन
मंजू सिन्हा का निधन वर्ष 2007 में हुआ था। उनके असामयिक निधन से मुख्यमंत्री को गहरा व्यक्तिगत आघात लगा था। बावजूद इसके, उन्होंने अपने सार्वजनिक दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाया।
उनकी स्मृति में कंकड़बाग में ‘स्व. मंजू सिन्हा स्मृति पार्क’ का निर्माण कराया गया, जो आज हरियाली और सामाजिक सरोकार का प्रतीक माना जाता है।














