आरा के सदर अस्पताल आरा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह इलाज नहीं, बल्कि कथित दलाली का धंधा है। अस्पताल परिसर में चल रहे अवैध खेल का खुलासा निरीक्षण के दौरान हुआ, जब दो महिलाओं—फूल कुमारी और नंदनी कुमारी—को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
सूत्रों के अनुसार, ये महिलाएं मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में रेफर कराने का काम करती थीं। आरोप है कि इलाज के नाम पर ‘सौदेबाजी’ होती थी और कमीशनखोरी का खेल अस्पताल परिसर में ही चल रहा था।
निरीक्षण टीम को भनक लगते ही मौके पर पूछताछ शुरू हुई। प्रथम दृष्टया दलाली की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दोनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
कार्रवाई के तहत दोनों महिलाओं को नगर थाना आरा को सौंप दिया गया। थाने में एफआईआर दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है—यह खेल कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।
उठ रहे हैं कई सवाल
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल है। सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा और निगरानी के बावजूद यह बिचौलिया रैकेट कैसे सक्रिय रहा? क्या निजी अस्पतालों से किसी बड़े स्तर पर सांठगांठ है?
मरीजों की मजबूरी को मुनाफे में बदलने वाले इस कथित गोरखधंधे ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और आगे कई और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।





















