भगवान जगन्नाथ की पावन धरा पुरी में 06, 07 एवं 08 फरवरी 2026 को आयोजित भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अधिवेशन में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के आलोक में मंगलवार, 25 फरवरी 2026 को बेगूसराय में राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।
जिला पदाधिकारी कार्यालय, बेगूसराय के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से आए श्रमिकों, पदाधिकारियों और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शन का उद्देश्य श्रमिकों की लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना था।
2500 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लिए गए थे निर्णय
पुरी अधिवेशन में देशभर से लगभग 2500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। अधिवेशन में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों—श्रम कानूनों के क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, वेतन संरचना और ठेका श्रमिकों के शोषण—पर विस्तृत चर्चा हुई थी। इन्हीं प्रस्तावों को लागू कराने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया।
ये हैं प्रमुख मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- सभी श्रमिकों पर बिना किसी अपवाद के श्रम कानूनों को सार्वभौमिक रूप से लागू किया जाए।
- ठेका श्रमिकों के शोषण को समाप्त करने हेतु कानून में आवश्यक संशोधन किया जाए।
- आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी घोषित कर वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
- त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे प्रभावी बनाया जाए।
- बैंकों में पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू की जाए।
- सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिले।
- अष्टम वेतन आयोग की रिपोर्ट समय-सीमा में लागू की जाए।
- उत्पादकता आधारित बोनस की न्यूनतम सीमा 18,000 रुपये तय की जाए।
- ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये की जाए।
- ईएसआईसी लाभार्थियों की न्यूनतम पात्रता सीमा 42,000 रुपये की जाए।
- प्रदेश में मजदूरों के हितों के लिए BOCW बोर्ड का शीघ्र गठन किया जाए।
- श्रम संसाधन विभाग के पोर्टल को तकनीकी रूप से दुरुस्त कर रद्द आवेदनों को पुनः स्वीकृत किया जाए।
- डाक विभाग के ग्रामीण डाक सेवकों को सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत पेंशन सुविधा मिले।
- बेगूसराय में ESI अस्पताल की स्थापना की जाए।
- बरौनी NTPC सहित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों के शोषण और अवैध वसूली पर रोक लगे।
- ऑटो-टोटो चालकों से हो रही अवैध वसूली बंद की जाए।
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र कार्रवाई की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति ने स्पष्ट कर दिया कि श्रमिक संगठन अपने मुद्दों को लेकर गंभीर हैं और अब निर्णायक कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
रामसेवक स्वामी की रिपोर्ट














