• Home
  • Blog
  • ‘रॉकेट सेब’ की पटना में एंट्री: 80 रुपये का एक सेब, आखिर क्या है खास?
Image

‘रॉकेट सेब’ की पटना में एंट्री: 80 रुपये का एक सेब, आखिर क्या है खास?

क्या आपने कभी सोचा है कि एक सेब की कीमत इतनी हो सकती है कि आम आदमी के पसीने छूट जाएं? न्यूजीलैंड से सीधे Patna पहुंचा ‘रॉकेट सेब’ इन दिनों शहर के पॉश इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्लास्टिक के खास ट्यूब में बिकने वाले इस छोटे से सेब के दीवाने बड़े-बड़े IAS-IPS अधिकारी और सूबे के मंत्री बताए जा रहे हैं। आखिर इस सेब में ऐसा क्या जादू है कि लोग मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

कहां बिक रहा है यह ‘रॉकेट’?

यह खास सेब पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास स्थित फल बाजार में बिक रहा है। ‘रॉकेट सेब’ के नाम से मशहूर यह प्रीमियम फल आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर माना जा रहा है। ऊंची कीमत और आकर्षक पैकेजिंग के कारण यह खासतौर पर संपन्न वर्ग की पसंद बनता जा रहा है।

बाजार के दुकानदारों के अनुसार यह सेब सीधे न्यूजीलैंड से आयात होकर दिल्ली या कोलकाता के रास्ते पटना पहुंचता है।

कितनी है कीमत?
  • आधा किलो पैक में सिर्फ 5 सेब
  • कीमत करीब 400 रुपये
  • यानी एक सेब लगभग 80 रुपये का
  • एक किलो में करीब 10 सेब

दुकानदारों का कहना है कि इसकी मांग सीमित है और दिनभर में मुश्किल से 2-3 डिब्बे ही बिक पाते हैं।

आखिर क्या है खासियत?

‘रॉकेट सेब’ आकार में गोल्फ बॉल जितना छोटा होता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में बड़े सेबों से कम नहीं है।

  • स्वाद: मीठा, हल्का खट्टापन
  • बनावट: कुरकुरी और रसदार
  • उपयोग: पॉकेट-साइज हेल्दी स्नैक
  • बच्चों और युवाओं में खासा लोकप्रिय

छोटे आकार की वजह से इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।

कहां होता है उत्पादन?

इस मिनी सेब का मुख्य उत्पादन न्यूजीलैंड के Hawke’s Bay क्षेत्र में होता है, जो सेब की खेती के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।

इसका व्यापारिक संचालन Rockit Global Limited द्वारा किया जाता है। कंपनी इसे दुनिया का पहला मिनी सेब बताती है, जिसे लगभग 20 वर्षों के शोध के बाद विकसित किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सबसे बड़ा उपभोक्ता देश चीन माना जाता है।

क्यों है इतना महंगा?
  • यूनिक मिनी साइज
  • प्रीमियम ब्रांडिंग
  • पारदर्शी ट्यूब पैकेजिंग
  • सीमित आयात
  • हाई-प्रोफाइल ग्राहक वर्ग

यही कारण है कि यह सेब आम फल से अलग एक लग्जरी प्रोडक्ट की पहचान बना चुका है।

‘रॉकेट सेब’ सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि प्रीमियम लाइफस्टाइल का प्रतीक बनता जा रहा है। जहां एक ओर आम लोग पारंपरिक सेब खरीद रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह मिनी सेब खास वर्ग के बीच स्टेटस सिंबल बनता दिख रहा है।

अब देखना यह है कि यह ट्रेंड कब तक कायम रहता है और क्या भविष्य में यह आम लोगों की पहुंच में भी आएगा या नहीं।

Releated Posts

Bihar Crime: बांका में बालू माफियाओं का तांडव, खनन विभाग की टीम पर हमला, जवान घायल

बांका। जिले के रजौन थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान…

ByByAjay Shastri Jun 11, 2026

बिहार दिवालिया होने की कगार पर? तेजस्वी यादव ने वित्तीय संकट को लेकर सरकार को घेरा

पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने बुधवार को राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर एनडीए…

ByByAjay Shastri Jun 10, 2026

पटना में हर तीसरी हत्या की वजह बन रहा जमीन विवाद, पांच साल में 417 लोगों की गई जान

पटना। बिहार की राजधानी पटना में जमीन विवाद अब सामाजिक तनाव का नहीं, बल्कि जानलेवा संघर्ष का बड़ा…

ByByAjay Shastri Jun 6, 2026

बेगूसराय में कल निकलेगी ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली, पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस का दिया जाएगा संदेश

बेगूसराय। पर्यावरण संरक्षण, बेहतर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेगूसराय में रविवार को…

ByByAjay Shastri Jun 6, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top