बिहार के बेगूसराय में होमगार्ड में चयनित अभ्यर्थियों के आंदोलन को खत्म कराने के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार देर शाम दमनात्मक कार्रवाई की। समाहरणालय परिसर में पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे करीब 400 से अधिक अभ्यर्थियों को बसों में भरकर हिरासत में ले लिया गया।
नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अंकित कुमार को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद अनशन स्थल से एमएच-31 होते हुए अभ्यर्थियों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और फिर हर्ल ग्राउंड ले जाया गया।
हर्ल गेट के पास तनावपूर्ण माहौल
अभ्यर्थियों को हर्ल ग्राउंड में बस से उतारकर दौड़ाए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान हर्ल गेट के सामने एनएच-31 पर देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने महिला और पुरुष पुलिस बल की भारी तैनाती की थी।
क्यों शुरू हुई कार्रवाई?
जानकारी के अनुसार, गृह रक्षा वाहिनी के समादेष्टा द्वारा तीन मई को यह कहा गया कि बेगूसराय में 13 मार्च को फिर से टेस्ट लिया जाएगा। इसके बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
दरअसल, साल 2025 में विधानसभा चुनाव से पहले चयनित 419 अभ्यर्थी ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। फिजिकल और मेडिकल परीक्षा पास करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से अभ्यर्थियों में आक्रोश है। उन्होंने जिले के विधायकों, मंत्रियों और केंद्रीय मंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
तीन दिन से आमरण अनशन
समाहरणालय परिसर में तीन दिन से आमरण अनशन चल रहा था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं आया। हालांकि पुलिस लगातार आंदोलन खत्म करने की अपील करती रही।
होली की पूर्व संध्या पर की गई इस कार्रवाई से अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों में नाराजगी है। इस आंदोलन को पप्पू यादव और मटिहानी विधायक बोगो सिंह का समर्थन भी मिला था।
फिलहाल प्रशासन की ओर से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, जबकि अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों पर अड़े रहने का संकेत दिया है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट




















