बिहार के Nawada जिले के रहने वाले Raviraj ने अपनी आँखों की रोशनी खोने के बावजूद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने Union Public Service Commission (UPSC) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।
अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव के रहने वाले रविराज की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक अक्षमता भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
किसान के बेटे ने पेश की मेहनत की मिसाल
रविराज एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता रंजन कुमार सिन्हा और माता विभा सिन्हा अपने बेटे की इस उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं।
रविराज ने फोन पर अपनी 20वीं रैंक की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही तैयारी की। वे रोजाना करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे और अपने पहले ही प्रयास में UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की।
BPSC टॉपर से UPSC स्टार तक का सफर
रविराज की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इससे पहले Bihar Public Service Commission (BPSC) परीक्षा में भी सफल हो चुके हैं।
वे राजस्व अधिकारी के पद पर चयनित होकर जिला टॉपर रह चुके हैं। उनकी माँ ने भावुक होते हुए बताया कि यह सफलता उनके बेटे के वर्षों के संघर्ष और तपस्या का परिणाम है।
नवादा से ही पूरी की पढ़ाई
रविराज ने अपनी शिक्षा की पूरी यात्रा अपने ही जिले में रहकर पूरी की।
- प्रारंभिक शिक्षा: दयाल पब्लिक स्कूल
- इंटरमीडिएट: सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल
- स्नातक: Sitaram Sahu College से राजनीति विज्ञान (Political Science) में डिग्री
पूरे इलाके में जश्न का माहौल
रविराज की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे नवादा जिले में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि यह पहला मौका है जब इस क्षेत्र के किसी छात्र ने UPSC में इतनी ऊँची रैंक हासिल की है।
वर्तमान में वे नवीन नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। जैसे ही उनकी सफलता की खबर फैली, बधाई देने वालों का तांता लग गया और पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया।
















