International Women’s Day के अवसर पर बिहार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव की कहानी कह रही है। खासकर परिवहन क्षेत्र में बेटियां अब अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। जो क्षेत्र कभी पुरुषों के वर्चस्व वाला माना जाता था, वहां अब महिलाएं मेट्रो चलाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने तक अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।
राजधानी Patna भी इस बदलाव का गवाह बन रहा है। यहां परिवहन के कई क्षेत्रों में महिलाएं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। पटना में बन रही Patna Metro परियोजना में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
मेट्रो से आसमान तक बेटियों की उड़ान
मेट्रो संचालन में महिला मेट्रो पायलट ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके अलावा हवाई परिवहन में भी बेटियों की उड़ान लगातार ऊंची होती जा रही है। पटना से Mumbai और Delhi के लिए उड़ान भरने वाली कई फ्लाइटों में महिला पायलट कमान संभाल रही हैं।
सड़क परिवहन में भी बढ़ रही भागीदारी
सड़क परिवहन के क्षेत्र में भी महिलाओं की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। पटना में कई महिलाएं ई-रिक्शा और ऑटो चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके साथ ही महिलाओं के लिए चलाई जा रही पिंक बस सेवा भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इस सेवा में कई बसों को महिलाएं ही चला रही हैं।
रेलवे में भी संभाल रहीं बड़ी जिम्मेदारी
रेलवे क्षेत्र में भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। East Central Railway की कई ट्रेनों में महिला लोको पायलट सफलतापूर्वक ट्रेनों का संचालन कर रही हैं। उनके कौशल और जिम्मेदारी ने यह साबित कर दिया है कि तकनीकी और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।
मेट्रो से लेकर विमान, सड़क से लेकर रेल तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नए भारत की बदलती तस्वीर को दिखा रही है। यह बदलाव न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि समाज में समान अवसर और सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

















