Matihani (बेगूसराय) में 290 एकड़ कसहा दियारा भूमि को NTPC Limited को दिए जाने के मुद्दे पर किसानों और प्रशासन के बीच हुई बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी स्थिति में अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार करेंगे।
1921 से खेती करने का दावा
किसानों का कहना है कि वर्ष 1921 में सरकार द्वारा बंदोबस्त कर यह जमीन उन्हें दी गई थी और तब से वे लगातार इस भूमि पर खेती कर रहे हैं। किसानों के अनुसार वे नियमित रूप से जमीन की रसीद भी कटाते रहे हैं, इसलिए अब इस जमीन को टोपो लैंड घोषित कर एनटीपीसी को देना उनके साथ अन्याय होगा।
बताया जाता है कि कसहा दियारा की अधिकांश जमीन Ramdeeri गांव के किसानों के कब्जे में है, जो Matihani अंचल के अंतर्गत आता है।
प्रशासन ने बैठक कर समाधान का किया प्रयास
इस विवाद को सुलझाने के लिए Mokama अंचल के राजस्व अधिकारी Shambhu Kumar तथा मटिहानी की सीओ Pritha Akhauri ने किसानों के साथ बैठक की। हालांकि लंबी चर्चा के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई।
जमीन नहीं छोड़ने का किसानों का ऐलान
बैठक में किसानों ने प्रशासन के सामने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे। किसानों का यह भी कहना था कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अदालत के फैसले से पहले किसी भी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं होगी।
इस बैठक में जिला पार्षद Jhunna Singh, मुखिया Abhay Kumar समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















