बेगूसराय। जिले के तेघड़ा अनुमंडल क्षेत्र में प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। हालात यह हैं कि शाम ढलते ही बालू से लदे ट्रेलरों की लंबी कतारें सड़कों पर नजर आने लगती हैं, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी आदेशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शाम होते ही विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर बालू की ढुलाई शुरू हो जाती है और देर रात तक यह सिलसिला जारी रहता है।
अवैध खनन रोकने के लिए दिए गए हैं सख्त निर्देश
जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के अवर सचिव ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं Srikant Shastri ने भी सभी एसडीओ और एसडीपीओ को नियमित छापेमारी कर अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बावजूद तेघड़ा क्षेत्र में बालू माफियाओं की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम करीब सात बजे के बाद विभिन्न घाटों से ट्रेलरों में बालू लोड कर बाजार और मुख्य सड़कों के रास्ते अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाता है।
बिढ़नियां बाजार मार्ग पर दिखती है ट्रेलरों की कतार
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम करीब सात बजे से बिढ़नियां बाजार मार्ग पर दर्जनों ट्रेलर बालू लेकर गुजरते देखे जा सकते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
लोगों का कहना है कि प्रतिदिन खुलेआम ट्रेलरों का गुजरना प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है।
राजस्व और पर्यावरण दोनों को नुकसान
अवैध बालू खनन के कारण सरकार को जहां भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















