अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसी स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिकी प्रशासन ने कई देशों को रूस से तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति देने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बनी रहे और तेल की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
ट्रंप प्रशासन का कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है।
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ऊर्जा बाजारों को स्थिर रखने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है।
उन्होंने लिखा कि अमेरिका का लक्ष्य वैश्विक बाजार में ऊर्जा की उपलब्धता बनाए रखना और तेल की कीमतों को नियंत्रित रखना है।
भारत को भी पहले मिली थी छूट
इससे पहले अमेरिका ने भारत सहित कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने की अनुमति देने के संकेत दिए थे। माना जा रहा है कि वैश्विक बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
युद्ध के कारण बढ़ा ऊर्जा बाजार पर दबाव
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इसी को देखते हुए अमेरिका ने यह अस्थायी कदम उठाया है, ताकि दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो और तेल की कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोका जा सके।

















