नवादा (बिहार): जिले के गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर गांव में पिछले एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। 20 से 30 हाथियों के झुंड ने गांव में भारी तबाही मचाई है, जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात गांव में घुस आता है और घरों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी बर्बाद कर देता है। अब तक करीब 10 से 15 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि कई किसानों की मेहनत से तैयार फसलें भी रौंद दी गई हैं।
महिला की दर्दनाक मौत
सबसे दुखद घटना 8 अप्रैल 2026 को हुई, जब 70 वर्षीय मुन्ना देवी खेत में गेहूं काट रही थीं। इसी दौरान हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
मवेशियों को भी बनाया निशाना
हाल ही में रात करीब 2:30 बजे हाथियों ने फिर गांव में प्रवेश कर कई मकानों को नुकसान पहुंचाया और एक गर्भवती गाय को भी मार डाला। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है।
ग्रामीणों का प्रदर्शन
लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वन विभाग हाथियों को खदेड़ने में नाकाम साबित हो रहा है और प्रशासन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
प्रशासन के प्रयास और चुनौती
प्रशासन की ओर से वनकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है और हाथियों को जंगल की ओर वापस भेजने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि ये प्रयास कारगर साबित नहीं हो रहे, क्योंकि हाथियों का झुंड बार-बार लौट आता है।
नवादा का यह मामला मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की गंभीर तस्वीर पेश करता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को स्थायी रूप से इलाके से हटाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।














