नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने गुरुवार-शुक्रवार की रात कई मोर्चों पर हमले तेज कर दिए। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने सऊदी अरब के Prince Sultan Air Base पर मिसाइल हमला करने की जिम्मेदारी ली है। यह एयरबेस अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और ईंधन भंडारण सुविधाएं मौजूद हैं।
आईआरजीसी ने दावा किया कि हमला अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की। Saudi Ministry of Defense ने पहले बताया था कि अल-खारज की ओर आने वाली छह मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही रोक दिया।
लेकिन एक प्रोजेक्टाइल रिहायशी इलाके में गिर गया, जिससे एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। युद्ध के दौरान सऊदी अरब में नागरिक क्षेत्र प्रभावित होने का यह एक दुर्लभ मामला बताया जा रहा है।
बगदाद में ड्रोन और मिसाइल हमला
इसी दौरान Baghdad International Airport परिसर में स्थित सैन्य अड्डे और अमेरिकी राजनयिक सुविधा को ड्रोन से निशाना बनाया गया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ड्रोन सैन्य अड्डे की ओर दागे गए थे, लेकिन उन्हें परिसर के बाहर ही मार गिराया गया। गिरते ड्रोन के मलबे से इलाके में भीषण आग लग गई।
इसके अलावा बगदाद में स्थित Embassy of the United States, Baghdad पर भी मिसाइल हमला हुआ। मिसाइल दूतावास के हेलीपैड के पास गिरी, जिससे धुआं उठता देखा गया। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। युद्ध शुरू होने के बाद यह दूतावास पर दूसरा हमला बताया जा रहा है।
फुजैराह बंदरगाह पर ड्रोन मलबे से आग
संयुक्त अरब अमीरात के Port of Fujairah पर भी ड्रोन हमले के मलबे से आग लग गई। फुजैराह मीडिया ऑफिस के अनुसार, ड्रोन को रोकने के दौरान गिरा मलबा आग का कारण बना। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं और एक जॉर्डन नागरिक के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी मिली है।
फुजैराह बंदरगाह Strait of Hormuz के बाहर स्थित एक बड़ा तेल भंडारण और बंकरिंग केंद्र है। यहां कुछ ऑयल लोडिंग ऑपरेशंस अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में ड्रोन नष्ट
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने देश के पूर्वी प्रांत में कई ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्षेत्र में स्थित तेल प्रतिष्ठानों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकांश ड्रोन वायु रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट कर दिए गए।


















