शनिवार को बिहार के लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन की आवाज़ और “Extremely Severe Alert” जैसा संदेश दिखा, जिससे कई लोग घबरा गए। लेकिन यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं था, बल्कि एक सरकारी परीक्षण (Test) था।
भारत सरकार ने आपात स्थितियों में तेजी से सूचना पहुंचाने के लिए एक नई मोबाइल-बेस्ड अलर्ट सिस्टम की शुरुआत की है। इस तकनीक को Cell Broadcast Service कहा जाता है, जिसके जरिए एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के फोन पर रियल टाइम में चेतावनी भेजी जा सकती है।
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि यह सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं, और आपदा के समय संदेश कितनी जल्दी और कितने लोगों तक पहुंच सकता है।
सरकार द्वारा भेजे गए संदेश में साफ बताया गया कि:
- यह केवल एक टेस्ट मैसेज है
- इसे मिलने पर किसी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है
- इसका मकसद लोगों को जागरूक करना और सिस्टम की क्षमता जांचना है
इस नई पहल को Department of Telecommunications और National Disaster Management Authority (NDMA) ने मिलकर तैयार किया है। इस सिस्टम को SACHET (National Disaster Alert Portal) नाम दिया गया है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में अगर कोई बड़ी आपदा जैसे भूकंप, बाढ़ या तूफान आता है, तो लोगों को पहले से चेतावनी मिल सकेगी। इससे जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संक्षेप में, अगर आपके फोन पर अचानक ऐसा अलर्ट आए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह सिस्टम आपकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है, ताकि संकट के समय आपको समय रहते सही जानकारी मिल सके।














