कटिहार। रेल यात्रियों को अपना आसान निशाना बनाने वाले एक शातिर महिला गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो अंतर्राज्यीय स्नैचर गैंग की सदस्य बताई जा रही हैं। गिरफ्तार सभी महिलाएं Jamtara की रहने वाली हैं और लंबे समय से ट्रेनों में चोरी और छिनतई की घटनाओं को अंजाम दे रही थीं।
रेल एसपी के अनुसार यह कार्रवाई Government Railway Police (जीआरपी) और Railway Protection Force (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने की। खुफिया सूचना के आधार पर Safiabad के बाजार समिति इलाके में छापेमारी की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध महिलाएं यहां तंबू लगाकर खानाबदोश की तरह रह रही हैं और ट्रेनों में चोरी और छिनतई की घटनाओं से जुड़ी हुई हैं।
छापेमारी में चार महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस टीम ने जब इलाके में दबिश दी तो चार महिलाओं को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके ठिकाने से करीब 5.5 लाख रुपये नकद और लगभग 17 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए।
कई राज्यों की ट्रेनों में करती थीं वारदात
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह Bihar, Jharkhand, West Bengal और Uttar Pradesh में चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर ये महिलाएं पलक झपकते ही यात्रियों के जेवरात और नकदी गायब कर देती थीं।
रेल पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान ये महिलाएं अपने साथ छोटे बच्चों को भी ट्रेन में लेकर चलती थीं ताकि किसी को उन पर शक न हो। घटना को अंजाम देने के बाद ये तुरंत अगली ट्रेन या दूसरे स्टेशन की ओर निकल जाती थीं।
पहचान छिपाने के लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह की महिलाएं पहचान छिपाने के लिए फर्जी आईडी प्रूफ का इस्तेमाल करती थीं और किसी एक जगह स्थायी रूप से नहीं रहती थीं। अलग-अलग जिलों में तंबू लगाकर खानाबदोश की तरह रहकर ये अपना अपराधी नेटवर्क चलाती थीं।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं में से एक पहले भी जेल जा चुकी है। फिलहाल चारों को जेल भेज दिया गया है। रेल पुलिस अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के जेवरात कहां बेचे जाते थे और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
रेल एसपी ने कहा कि ट्रेनों में सक्रिय ऐसे गिरोहों के खिलाफ आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।




















