भागलपुर की सियासी फिज़ा उस वक्त गरमा गई जब बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के तहत मंगलवार को यहां पहुंचे। उनका यह दौरा महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को परखने और प्रशासनिक व्यवस्था को गति देने के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री का तय कार्यक्रम जगदीशपुर प्रखंड की बैजानी पंचायत का था, लेकिन उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत ही कड़े तेवर के साथ की। भागलपुर हवाई अड्डे पर उतरते ही वे सीधे भागलपुर-बौंसी रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के स्थल पर पहुंच गए और वहां चल रहे कार्य का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री को देखकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति पर विस्तार से जानकारी ली और काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य में तेजी लाई जाए और तय समय सीमा के भीतर परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण को राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। समृद्धि यात्रा के जरिए सरकार जहां अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री का खुद मौके पर पहुंचकर निगरानी करना यह संदेश देता है कि सरकार अब फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बैजानी पंचायत के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान आम जनता की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही समाधान निकालने की रणनीति अपनाई गई। लोगों ने सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में नजर आया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और हर गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई थी। अधिकारियों को पहले ही आवश्यक निर्देश दिए गए थे ताकि दौरे के दौरान किसी तरह की चूक न हो।
कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक स्पष्ट सियासी संदेश भी है कि बिहार में विकास कार्यों की रफ्तार पर खुद मुख्यमंत्री की नजर बनी हुई है और सरकार जमीनी स्तर पर काम को प्राथमिकता दे रही है।














