बिहार के मोतिहारी जिले से एक बार फिर जहरीली शराब का खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। मोतिहारी के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बालगंगा गांव में कथित जहरीली शराब पीने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, फिलहाल 6 लोग इलाजरत हैं, जबकि 7 लोग इलाज के बाद अपने घर लौट चुके हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने परसौना पंचायत के चौकीदार भरत राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, मृतक प्रमोद यादव के परिजनों के आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है, जिससे यह मामला अब केवल हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
पुलिस ने इस काले कारोबार के मुख्य आरोपी नागा राय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए सदर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में साइबर डीएसपी और DIU की टीम को भी शामिल किया गया है, जो इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस जहरीली शराब को दो दर्जन से अधिक लोगों ने पिया था। हालांकि, कई लोग अब भी सामाजिक बदनामी और कानूनी डर के कारण चोरी-छिपे इलाज करवा रहे हैं, जिससे वास्तविक आंकड़े और बढ़ सकते हैं।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब ढाई साल पहले भी इसी इलाके के तुरकौलिया, हरसिद्धि, पहाड़पुर, सुगौली और रघुनाथपुर थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब कांड में 42 लोगों की जान गई थी।
फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार इस जहरीली शराब के काले कारोबार के पीछे छिपे असली चेहरे सामने आ पाएंगे, या फिर यह जहर यूं ही निर्दोष जिंदगियों को निगलता रहेगा?
















