Patna Marine Drive अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि राजधानी पटना में सुकून और प्रकृति के बीच समय बिताने का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप कुछ पल शांति के बिताना चाहते हैं, तो यह जगह लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प बन चुकी है।
बिहार सरकार ने मरीन ड्राइव को और अधिक हराभरा और आकर्षक बनाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। अगले तीन महीनों में यहां एक लाख पेड़ लगाने की योजना है। सरकार का कहना है कि जहां-जहां विकास कार्यों के चलते पेड़ काटे जाते हैं, वहां उससे कहीं अधिक संख्या में नए पेड़ लगाए जाते हैं।
20 साल में बढ़ा हरित आवरण
राज्य के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार का हरित आवरण 6% से बढ़कर 15% तक पहुंच गया है। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम कदम उठा रही है।
- Valmiki Nagar में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क विकसित किया जा रहा है
- मरीन ड्राइव के पास विश्वस्तरीय एक्वेरियम बनाने की योजना भी प्रगति पर है
पटना में आएगी वाटर मेट्रो
राजधानी में जल्द ही वाटर मेट्रो रेल सेवा शुरू होने की भी तैयारी है, जिससे शहर के विकास को नया आयाम मिलेगा और लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
पर्यावरण और विकास में संतुलन
केंद्रीय मंत्री Raj Bhushan Choudhary ने मानव और वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी है। वहीं पर्यावरण मंत्री Pramod Kumar ने पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर में पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देशी पेड़ लगाने की योजना की जानकारी दी।
शहर बनेगा मॉडल
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि पटना को विकास और पर्यावरण के संतुलन का मॉडल शहर बनाना है। साथ ही भीमबांध वन्यप्राणी आश्रयणी की सर्वे रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया, जो संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह मिशन न केवल पटना को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि लोगों को एक शांत, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली की ओर भी प्रेरित करेगा।















