Purnea Cyber Fraud: बिहार के पूर्णिया जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जहां ठगों ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन को अंजाम दिया। जांच में पता चला है कि जिले की दो अलग-अलग बैंक शाखाओं में कुल 265 “म्यूल अकाउंट” खोले गए, जिनके जरिए करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर की गई।
यह मामला सामने आने के बाद देश की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी किया और स्थानीय साइबर थाना पुलिस के साथ जानकारी साझा की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और संदिग्ध खातों की जांच शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान पता चला कि बनमनखी स्थित Bandhan Bank की शाखा में करीब 150 संदिग्ध खाते खोले गए, जबकि भट्टा बाजार स्थित IndusInd Bank में 115 म्यूल अकाउंट पाए गए। इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में हुई साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर ये खाते खुले हैं, उनमें से कई को इसकी जानकारी तक नहीं है। जांच में सामने आया कि कई खाते ऐसे मजदूरों और किसानों के नाम पर खोले गए हैं, जो लंबे समय से अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर जानकीनगर निवासी एक मजदूर, जो पंजाब में काम करता है, और मुंबई में रहकर मजदूरी करने वाले एक अन्य व्यक्ति के नाम पर भी खाते सक्रिय पाए गए—जबकि उन्हें इसकी भनक तक नहीं थी।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन खातों को खोलते समय बैंकिंग नियमों और केवाईसी प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया गया या नहीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कई खातों में 4 से 5 लाख रुपये तक का लेन-देन हुआ है, जबकि कुछ खातों में यह आंकड़ा 20 लाख रुपये से भी अधिक पहुंच चुका है।
इसके अलावा, किशनगंज और अररिया जिले के कई लोगों के नाम पर भी संदिग्ध खाते खोले जाने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ खाताधारकों की पहचान और पते की पुष्टि करना भी पुलिस के लिए चुनौती बन रहा है।
फिलहाल साइबर थाना पुलिस सभी खातों का डेटा खंगाल रही है, खाताधारकों की पहचान की जा रही है और इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय गिरोह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। यह मामला न सिर्फ साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को उजागर करता है, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में संभावित लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


















