बिहार के नवादा जिले के सदर अस्पताल में रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा कुमारी ने अचानक औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस निरीक्षण ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्था को उजागर कर दिया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष सीधे विभिन्न वार्डों में पहुंचीं और मरीजों तथा उनके परिजनों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों ने कुछ सुधार होने की बात कही, लेकिन अस्पताल में फैली गंदगी और शौचालयों की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
पुष्पा कुमारी ने मौके पर ही अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उन्होंने अस्पताल की कई व्यवस्थाओं को “नाम मात्र का सिस्टम” बताया।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर शिकायत नर्सिंग स्टाफ द्वारा पैसे मांगने की सामने आई। इस पर अध्यक्ष ने सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों से अवैध वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, प्रसूति विभाग, आउटडोर विभाग, एक्स-रे, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी और नवजात शिशु देखभाल इकाई का भी निरीक्षण किया। लगभग हर विभाग में कहीं न कहीं संसाधनों की कमी और अव्यवस्था देखने को मिली।
निरीक्षण के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। अस्पताल के एक डॉक्टर कक्ष का दरवाजा पिछले करीब 12 वर्षों से टूटा हुआ है और अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही की बड़ी मिसाल बताया।
मौके पर ही उन्होंने जिला कार्यक्रम प्रबंधक से फोन पर बातचीत कर शौचालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को 24 घंटे के भीतर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद पुष्पा कुमारी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी समय-समय पर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में फैली खामियों को दूर किया जा सके।















