पटना: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) एक बार फिर गंभीर हादसे के कारण चर्चा में है। सोमवार दोपहर बायोटेक्नोलॉजी विभाग में लगी भीषण आग ने करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। इस घटना में महत्वपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड, एचआईवी सैंपल, महंगी मशीनें और हजारों पुस्तकें जलकर राख हो गईं। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परीक्षा के दौरान लगी आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 1:25 बजे पीएमसीएच के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रथम तल पर अचानक आग लग गई। आग लगने के समय पास स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एमबीबीएस के 25 छात्र परीक्षा दे रहे थे।
धुआं और आग की लपटें फैलते ही परीक्षा कक्ष में अफरा-तफरी मच गई। छात्र और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी छात्रों और कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
एचआईवी सैंपल और जरूरी रिकॉर्ड नष्ट
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान सैंपल कलेक्शन रूम और विभागीय लाइब्रेरी को हुआ। सैंपल कलेक्शन रूम में रखे गए महत्वपूर्ण जांच रिकॉर्ड, एचआईवी सैंपल और अन्य चिकित्सकीय दस्तावेज पूरी तरह जल गए।
वहीं विभागीय लाइब्रेरी में रखी 1000 से अधिक किताबें भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की मशीनें, लैब उपकरण और अन्य सामग्री भी बर्बाद हो गई है।
दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे तक लगातार प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया।
हालांकि इस दौरान विभाग के कई हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा। आग की वजह से अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और भय का माहौल बना रहा।
1925 में बना था भवन
जानकारों के अनुसार बायोटेक्नोलॉजी विभाग जिस भवन में संचालित हो रहा था, उसका निर्माण वर्ष 1925 में हुआ था। भवन की विद्युत वायरिंग काफी पुरानी बताई जा रही है और लंबे समय से उसके रखरखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
अधिकारियों ने क्या कहा?
विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतुल्य नंदन ने बताया कि धुआं दिखाई देते ही कर्मचारियों और छात्रों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
वहीं जिला फायर कमांडेंट रितेश पांडेय ने कहा कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एमबीबीएस परीक्षा रद्द
घटना के बाद एमबीबीएस सेकेंड ईयर की प्रैक्टिकल और वाइवा परीक्षा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी पीएमसीएच के पैथोलॉजी विभाग में आग लगने की घटना हुई थी। लगातार दूसरी बार अस्पताल में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्था, भवन रखरखाव और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।















