पटना: राजधानी पटना एक बार फिर गोलीबारी की घटना से दहल उठी। जिले के खुशरूपुर थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में गुरुवार को गिट्टी आपूर्ति और कारोबार को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और फायरिंग शुरू हो गई। इस घटना में दो महिलाओं समेत तीन लोग घायल हो गए, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
पुराने विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गिट्टी सप्लाई और व्यवसाय को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार को किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने हथियार निकाल लिए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ देर के लिए गांव में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
गोलीबारी में तीन लोग घायल
इस फायरिंग की घटना में रविंद्र प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार (26 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार दीपक के पेट में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं नेहा कुमारी (12 वर्ष) और सोना देवी (50 वर्ष) भी गोलीबारी की चपेट में आ गईं। दोनों के पैर में गोली या छर्रे लगने की सूचना है। घटना के बाद घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही खुशरूपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी।
फतुहा डीएसपी-2 ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिट्टी आपूर्ति और व्यवसाय को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई है। इसी विवाद के दौरान फायरिंग हुई, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गांव में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
गोलीबारी के बाद चैनपुर गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग में कौन-कौन लोग शामिल थे और सबसे पहले गोली किस पक्ष ने चलाई। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और पुलिस मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। चैनपुर की यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि छोटे कारोबारी विवाद भी कभी-कभी गंभीर हिंसा का रूप ले लेते हैं।
अब लोगों की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस गोलीकांड के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कब और क्या कार्रवाई की जाती है।
















