छपरा। सारण जिले के छपरा में गुरुवार देर रात एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस के रिसाव ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के साढा स्थित रामा कोल्ड स्टोरेज में हुई इस घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। गैस रिसाव के कारण कई लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और घुटन की शिकायत हुई। घटना में करीब 10 लोग प्रभावित हुए, जबकि दो लोगों को इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, आलू भंडारण के लिए संचालित रामा कोल्ड स्टोरेज के कूलिंग सिस्टम में अमोनिया गैस का उपयोग किया जाता है। गुरुवार देर रात अचानक पाइप लाइन में लीकेज होने से गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में अमोनिया की तीखी गंध पूरे इलाके में फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गैस का रिसाव लगभग 10 से 15 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। गैस के प्रभाव से कई लोगों को आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी और घुटन महसूस होने लगी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। सदर अस्पताल से एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया। वहीं फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के जवानों ने रिसाव वाले पाइप की पहचान कर लीकेज को बंद कराया तथा गैस के प्रभाव को कम करने के लिए पूरे इलाके में पानी का छिड़काव किया।
प्रशासन की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया। प्रभावित लोगों का प्राथमिक उपचार कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल सामान्य है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह घटना हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गैस रिसाव पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलने पर सदर एसडीओ और एसडीपीओ भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा मानकों की कमी की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस, सुरक्षा उपकरणों और संचालन व्यवस्था की जांच की जा रही है।
एसडीओ ने कहा कि कृषि विभाग को पत्र भेजकर पूरे संयंत्र और संसाधनों की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल अमोनिया गैस रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और भंडारण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।















