उत्तर भारत में फरवरी के बीच में ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। राजधानी दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल तक रात का तापमान बढ़ा है और लोग कंबल से दूरी बनाने लगे हैं। वहीं पटना और लखनऊ जैसे शहरों में भी दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। हालांकि ठंड की पूरी तरह विदाई अभी नहीं हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। India Meteorological Department (IMD) ने बताया है कि इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जाएगा। सुबह और देर रात ठंड का एहसास बना रहेगा, जबकि दिन में हल्की गर्मी रह सकती है।
मैदानी राज्यों में बदलता मौसम
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना है।
पटना, लखनऊ और भोपाल जैसे शहरों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर जा सकता है, लेकिन रात में ठंड का असर बना रहेगा।

दक्षिण भारत पर भी असर
बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र का असर दक्षिण भारत में भी दिखाई देगा। Bay of Bengal में सक्रिय दबाव के कारण तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश की संभावना बन सकती है।
वैलेंटाइन डे के बाद बड़ा बदलाव
मौसम विभाग का कहना है कि वैलेंटाइन डे के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत में बादलों की गतिविधि तेज होगी और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
IMD ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में मौसम अचानक बदल सकता है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
क्या कहता है पूर्वानुमान?
- पहाड़ों पर बर्फबारी और तेज हवाएं
- मैदानी इलाकों में सुबह-शाम ठंड का असर
- कई राज्यों में हल्की बारिश और गरज-चमक
- तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
कुल मिलाकर, फरवरी के इस मध्य चरण में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है। ठंड की विदाई से पहले एक बार फिर मौसम अपना रंग दिखा सकता है। आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।














